Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2018

कहानी सेमरा की

एशिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत शेरपुर आज गंगा कटान से बुरी तरह त्रस्त है। शहीदों की ये धरती आज अपने अस्तित्व के लिए हर क्षण संघर्ष कर रही है। शेरपुर ग्राम पंचायत के सेमरा व शिव राय का पुरा गाँव का अस्तित्व लगभग खत्म होने की कगार पर है। लगभग 10000 की आबादी वाले सेमरा गाँव की हजारों एकड़ भूमि व सैकड़ों घर गंगा में विलीन हो चुके हैं शिव राय का पुरा में तो दो-चार घर ही बचे हैं वहीं सेमरा का भी आधा से ज्यादा भाग बह चुका है। सेमरा की हालत ऐसी है कि आप कभी कल्पना भी नहीं कर सकते। कटान में घर गिरने के बाद जिनके पास जमीन बची थी उन्होंने तो जैसे तैसे झुग्गी झोपड़ी डालकर अपने रहने की व्यवस्था कर ली, जिनके पास पैसे थे और जमीन नहीं थी वो दूसरे गाँवों में जमीन खरीदकर बस गये लेकिन उन बेसहारों का क्या जिनके पास न तो जमीन है और न पैसे हैं आज पाँच सालों से ऐसे लोग दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं। कभी सेमरा के प्राथमिक विद्यालय में, कभी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में, कभी इंटर कालेज मुहम्मदाबाद में, कभी अनाज मंडी मुहम्मदाबाद में, कभी प्राथमिक विद्यालय मुहम्मदाबाद में तो कभी सड़कों और परती में टेंट डालकर ऐसे...

और कहानी अधूरी रह गयी

वो मार्च महीने का एक ख़ुशनुमा दिन था। मौसम बिल्कुल साफ था आकाश में बादल नहीं थे। सूरज साफ उगा था लेकिन माहौल न गरम था न ठंडा था। फ़िजाँ में एक अजीब सा सूनापन, एक ख़ामोशी और एक उबासी महसूस की जा सकती थी लेकिन मेरे लिए यह दिन बाकी दिनों की तुलना में बहुत खास था क्योंकि आज वो मुझसे मिलने वाली थी। क्लास में, सड़कों पर या बस में हम अक़्सर मिला करते थे लेकिन आज वो खास मेरे लिए ही आ रही थी। मैं बहुत खुश था लेकिन मैं थोड़ा डरा हुआ था, थोड़ा सहमा हुआ था। ऐसे मामलों में कैसे पेश आते हैं, क्या बोला जाता है, क्या किया जाता है इसका मुझे तनिक भी इल्म नहीं था। वो पहली लड़की थी जिससे मैं अकेले में ऐसे मिल रहा था। हम दोनों कुछ दिनों, कुछ महीनों के लिए अपने अपने घर जा रहे थे मैं हमेशा उसे मिलने के लिए बुलाता रहता लेकिन वो मना कर देती पता नहीं क्या सोचकर आज वो मुझसे मिलने आ रही थी शायद उसके मन में बहुत कुछ चल रहा था जिसका मैं अंदाजा नहीं लगा सकता था। वो बेहद गंभीर लड़की थी कम बोलना, कम हँसना और अपने काम से ही मतलब रखना उसकी आदत थी वो बिल्कुल मेरी तरह थी हम दोनों का स्वभाव एक सा था। तब मैं और भी मासूम...

इंटर कालेज मुहम्मदाबाद - एक गौरवशाली इतिहास

इंटर कालेज मुहम्मदाबाद  अपने आप में एक भव्य व गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। इसे गाज़ीपुर के सबसे प्राचीनतम और प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक माना जाता है। आसपास के क्षेत्रों में यह विद्यालय बड़का स्कूल के नाम से भी मशहूर है। यह विद्यालय अपनी स्थापना के 80 वर्ष पूरा कर चुका है 9 जुलाई, 1937 को इस विद्या मन्दिर की शुरूआत हुई थी। इस विद्यालय की स्थापना शेरपुर निवासी चौधरी हरिनारायण राय ने की थी। प्रारम्भ में विद्यालय आर्य समाज मन्दिर में मिडिल स्कूल के रूप में चलता था बाद में छात्रों की संख्या बढ़ने पर इसे तहसील स्थित गिल पब्लिक लाइब्रेरी में स्थानांतरित किया गया तत्पश्चात इसे सन 1944 में अंग्रेजी मिडिल, 1949 में हाई स्कूल तथा 1950 में इण्टरमीडिएट स्कूल की मान्यता प्राप्त हो गयी। बाद में 1958 में यह विद्यालय अपने नवनिर्मित भवन में स्थानान्तरित होकर आ गया। इस विद्यालय से निकलकर न जाने कितने डॉक्टर, इंजीनियर, राजनेता, शिक्षक आदि विभिन्न क्षेत्रों में लोग देश की सेवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मो० हामिद अंसारी भी इंटर कालेज के छात्र रह चुके हैं जो कि गौरव की ...

आम से खास बना पकौड़ा

पिछले कई दिनों से मैं फेसबुक, वाट्सएप, ट्वीटर आदि विभिन्न सोशल साइट्स पर पकौड़े पर बहस होते देख रहा हूँ। फेसबुक पर भक्त और अभक्त के दो गुट बन चुके हैं इस रस्साकस्सी के खेल में कभी भक्तों का पलड़ा भारी हो जा रहा है तो कभी अभक्त भक्तों पर हावी हो जा रहे हैं। खुद को बुद्धिजीवी कहने वाला हर शख़्स इस मुद्दे पर अपना विचार व्यक्त कर रहा है मैं भी पिछले कई दिनों से कभी भक्तों की तरफ से तो कभी अभक्तों की तरफ से इस खेल का आनंद ले रहा था। देखिए राजनीति बहुत बुरी चीज है इसलिए मैं इन तमाम चीजों से खुद को दूर रखता हूँ लेकिन इस मुद्दे पर मुझे भी अपना मत रखना चाहिए, ऐसा मैं पिछले कई दिनों से सोच रहा था क्योंकि कल मैंने कहा था कि कभी कभी मेरी भी बुद्धि काम कर जाती है। जिन्होंने अर्थशास्त्र पढ़ा है वो जानते होंगे जो मित्र नहीं जानते हैं उन्हें मैं बताना उचित समझता हूँ। सबसे पहले बेरोजगारी की परिभाषा समझिए यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य के लिए इच्छुक होता है किन्तु उस व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल पाता है तो ऐसे व्यक्ति को बेरोजगार कहते हैं और व्यक्ति की यह स्थिती बेरोजगारी कहलाती है। ...

मेरी ट्रेन यात्रा

ये जीवन एक यात्रा है और हम सब एक यात्री हैं। इस संसार में किसी की यात्रा हँसते हुए गुजर जाती है तो किसी की यात्रा रोते हुए गुजरती है, किसी की यात्रा में छाँव ही छाँव होती है तो किसी को अपनी पूरी यात्रा धूप में ही तय करनी पड़ती है, किसी की यात्रा में कोई साथी मिल जाता है तो वहीं कोई अपनी यात्रा अकेले पूरी करता है लेकिन जैसे भी हो इस यात्रा को सबको पूरा करना पड़ता है और संसार का हर यात्री इस यात्रा को पूरा करता भी है। खैर मैं दार्शनिक नहीं हूँ अत: मैं सीधे मुद्दे पर ही आ जाता हूँ। मुझे घर से जब भी इलाहाबाद के लिए जाना होता है तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने कह दिया हो कि जलती रेत पर नंगे पैर पाँच कोस पैदल चलो, गर्मी की तपती दोपहरी में गेहूँ काटो, जाड़े के दिन में गंगाजी को तैरकर पार करो या फिर निहत्थे जाकर शेर का शिकार कर लाओ और मैं कयामत से एक और दिन बचने के लिए कोई न कोई बहाना खोजने लग जाता हूँ। चूँकि मैं सबका लाडला हूँ अत: घर के सभी लोग भी मुझे रोकने के लिए किसी न किसी बहाने की तलाश करने लगते हैं लेकिन कयामत किसी के रोके आखिर कितने दिन रूकेगी रफ़्ता-रफ़्ता कयामत का दिन भी आ ही जाता है।...

एकतरफा प्यार

प्यार, मोहब्बत, इश्क़ या प्रेम कुदरत के द्वारा बनायी गयी सबसे नायाब चीजों में से एक है। मोहब्बत दो जिस्मों के बीच का रिश्ता न होकर दो रूहों के बीच का रूहानी रिश्ता होती है। इस जहाँ में मोहब्बत के कई किस्से कई बार कई वजहों से अधूरे रह जाते हैं कभी जाति की वजह से, कभी मजहब की वजह से, कभी उम्र की वजह से, कभी हैसियत की वजह से तो कई बार एकतरफा प्यार की वजह से भी...! एकतरफा प्यार को संक्षिप्त में परिभाषित करें तो कह सकते हैं कि एकतरफा प्यार करने वाले लोग जीवन भर रोते हैं। इस दुनिया में 99% लोग अपने प्यार को हासिल नहीं कर पाते उनमें से कुछ लोग अपने महबूब को भूल जाते हैं, कुछ आत्महत्या कर लेते हैं, कुछ ग़म में नशे की तरफ रूख करते हैं, कुछ ताउम्र रोते हैं और कुछ लोग अपने महबूब की याद में लिखना शुरू करते हैं और अपनी लिखावट में पूरी जिंदगी अपने महबूब को जिंदा रखते हैं। खैर बात एकतरफा प्यार की हो रही थी किसी को दिलो-जान से प्यार करने वाले आशिक कभी बदले की भावना से प्यार नहीं करते प्यार एकतरफा हो या दोतरफा, अगर दिल से किया जाय तो वाकई ये मजेदार चीज है हाँ ये बात अलग है कि आज के जमाने में आशिकी द...