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एकतरफा प्यार

प्यार, मोहब्बत, इश्क़ या प्रेम कुदरत के द्वारा बनायी गयी सबसे नायाब चीजों में से एक है। मोहब्बत दो जिस्मों के बीच का रिश्ता न होकर दो रूहों के बीच का रूहानी रिश्ता होती है। इस जहाँ में मोहब्बत के कई किस्से कई बार कई वजहों से अधूरे रह जाते हैं कभी जाति की वजह से, कभी मजहब की वजह से, कभी उम्र की वजह से, कभी हैसियत की वजह से तो कई बार एकतरफा प्यार की वजह से भी...!

एकतरफा प्यार को संक्षिप्त में परिभाषित करें तो कह सकते हैं कि एकतरफा प्यार करने वाले लोग जीवन भर रोते हैं। इस दुनिया में 99% लोग अपने प्यार को हासिल नहीं कर पाते उनमें से कुछ लोग अपने महबूब को भूल जाते हैं, कुछ आत्महत्या कर लेते हैं, कुछ ग़म में नशे की तरफ रूख करते हैं, कुछ ताउम्र रोते हैं और कुछ लोग अपने महबूब की याद में लिखना शुरू करते हैं और अपनी लिखावट में पूरी जिंदगी अपने महबूब को जिंदा रखते हैं। खैर बात एकतरफा प्यार की हो रही थी किसी को दिलो-जान से प्यार करने वाले आशिक कभी बदले की भावना से प्यार नहीं करते प्यार एकतरफा हो या दोतरफा, अगर दिल से किया जाय तो वाकई ये मजेदार चीज है हाँ ये बात अलग है कि आज के जमाने में आशिकी दिल से नहीं बल्कि जिस्म से की जाती है। एकतरफा प्यार में भी एक सुकून मिलता है जो कही नहीं मिल सकता बिना ये सोचे कि सामने वाला प्यार करता है या नहीं उसे टूट कर चाहना, उसके सपने देखना, उससे बेपनाह मोहब्बत करना, उसके बारे में दिन-रात सोचना, उसके साथ गुजारे लमहों को याद करना, खुद से हँसना-रोना, श़ेर और ग़ज़ल लिखना तथा और भी ऐसी बहुत सारी बातें, यही तो एकतरफा प्यार का मजा है जो कही नहीं है। कहते हैं कि प्यार शब्द ही अधूरा है इसलिए ये कभी पूरा नहीं होता। इश्क और प्यार पर अगर लिखने लगें तो ये विषय ऐसा है कि किताब भर जायेगी लेकिन बातें खतम नहीं होंगी। दुनिया के तमाम शायरों ने इश्क पर लिखने में अपनी ज़िंदगियाँ कुर्बान कर दी लेकिन इश्क की बातें खतम नहीं हुई और ना ही कभी होंगी...!



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