इंटर कालेज मुहम्मदाबाद अपने आप में एक भव्य व गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। इसे गाज़ीपुर के सबसे प्राचीनतम और प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक माना जाता है। आसपास के क्षेत्रों में यह विद्यालय बड़का स्कूल के नाम से भी मशहूर है। यह विद्यालय अपनी स्थापना के 80 वर्ष पूरा कर चुका है 9 जुलाई, 1937 को इस विद्या मन्दिर की शुरूआत हुई थी। इस विद्यालय की स्थापना शेरपुर निवासी चौधरी हरिनारायण राय ने की थी। प्रारम्भ में विद्यालय आर्य समाज मन्दिर में मिडिल स्कूल के रूप में चलता था बाद में छात्रों की संख्या बढ़ने पर इसे तहसील स्थित गिल पब्लिक लाइब्रेरी में स्थानांतरित किया गया तत्पश्चात इसे सन 1944 में अंग्रेजी मिडिल, 1949 में हाई स्कूल तथा 1950 में इण्टरमीडिएट स्कूल की मान्यता प्राप्त हो गयी। बाद में 1958 में यह विद्यालय अपने नवनिर्मित भवन में स्थानान्तरित होकर आ गया।
इस विद्यालय से निकलकर न जाने कितने डॉक्टर, इंजीनियर, राजनेता, शिक्षक आदि विभिन्न क्षेत्रों में लोग देश की सेवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मो० हामिद अंसारी भी इंटर कालेज के छात्र रह चुके हैं जो कि गौरव की बात है।
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विद्यालय की आलीशान इमारत और उससे भी आलीशान मैदान हाईवे से गुजरने वाले हर शख़्श को अपनी तरफ सम्मोहित कर लेता है। इस विद्यालय का छात्र होना भी हमारे लिए गौरव की बात है हमें गर्व है कि हमने इस गौरवशाली विद्यालय में अपने चार साल गुजारे हैं। आज भी यहाँ से गुजरते समय फिर से कमरा नंबर 5 में बैठ कर पढ़ने को जी चाहता है। जीवन में हम जो कुछ भी बन पाये, उसमें विद्यालय का और विद्यालय के शिक्षकों का वृहत् योगदान रहेगा।
इस विद्यालय से निकलकर न जाने कितने डॉक्टर, इंजीनियर, राजनेता, शिक्षक आदि विभिन्न क्षेत्रों में लोग देश की सेवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मो० हामिद अंसारी भी इंटर कालेज के छात्र रह चुके हैं जो कि गौरव की बात है।
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