अपने भारतवर्ष और अपने उत्तर प्रदेश में जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है अपना देश और प्रदेश स्वर्ग में तब्दील हो चुका है। वास्तव में रामराज तो तभी आ गया था जब प्रधानमंत्री की कुर्सी पर श्री नरेंद्रभाई मोदी विराजे थे लेकिन प्रदेश के समाजवादी रास्ता ब्लाक किये बइठे थे। मोदीजी की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश में आने ही नहीं दिया जाता था मगर मोदीजी तो मोदीजी ठहरे, माया फइलायी और योगी को कुर्सी दिलायी। तीन महीनों में ही प्रदेश इतना बदल गया कि अब तो लगता ही नहीं कि हम भारत के उत्तर प्रदेश में रहते हैं हमको तो अइसा फील होता है कि हम इंद्र की अमरावती में रहते हैं।
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योगीजी ने कुर्सी पर विराजते ही कहा कि हमको हमारा प्रदेश गड्ढामुक्त चाहिए। अब इस नेक काम के लिए हम योगीजी को कितना धन्यवाद दें, समझ में नहीं आता। शहनिन्दा से जब अपने गाँव के लिए चलते थे तो पहले पहाड़ी टाइप सड़क थी मगर भाई अब तो लंदन फेल है। दिल की बात बताते हैं रोड इतना अच्छा हो गया है कि सोचते हैं कि घर जाकर क्या बेड, चउकी और खटिया पर सोना है यहीं पर गमछा बिछा के सुत जाते हैं।
कुछ साल पहले की बात है एक गाँव है सेमरा, जो गंगा कटान से समाप्ति के कगार पर खड़ा था लेकिन देश में तो रामराज है। रामजी जनता को दु:खी कैसे देख सकते हैं फटाक से अपने प्रतिनिधि मनोज सिन्हा को भेजा। इधर योगी महाराज ने भी अपने प्रतिनिधि अलका राय को भेजा, "जाईये इस गाँव को कैसे भी गंगा कटान से बचाईये।"
बस भईया क्या बतायें दू महीना में दोनों प्रतिनिधियों ने मिलकर अइसा बँधा बनवा दिया कि पूरे इंडिया में अइसा बाँध देखन को नहीं मिलेगा। अब तो इस बाँध को देखने के लिए अमेरिका से टूरिस्ट लोग आते हैं। गाँव के गरीब तो पर्यटकों को फुचकी खिला खिला कर धनिक हो गये हैं। हे मनोज सिन्हा जी और अलका राय जी इस मामूली गाँव को आपने इतना महत्व दिया इसके लिए हम आपको साष्टांग परनाम करते हैं। सिन्हाजी तो अपने ही हैं गाँव का हाल चाल लेने के लिए रोज़ ही चले आते हैं। अब तो गाँव का बच्चा बच्चा यहाँ तक कि पौधा-पौधा, जानवर-जानवर तक उन्हें पहचान गये हैं।
योगीजी ने कहा था कि देखो प्रदेश की जनता अंधेरे में नहीं रहनी चाहिए हर घर में बिजली चाहिए और चउबीसो घंटा लाइन की व्यवस्था करिए। देखो भईया हम तो गाँव-दिहात के गरीब और गँवार अदमी ठहरे चउबीस घंटा बिजली का पियरका बलब दुआर पर जलता रहता है। कहाँ अंधेरे में रहते थे अचानक भक्क से योगीजी अजोर कर दिये। साफ बात है हमको ये पसंद नहीं आता योगीजी, हमरे जइसे गँवार अदमी को दस घंटा दे दीजिए बहुत है हम इसके लिए आपको लेटर लिख देंगे।
योगी महाराज ने गरीब किसानों का कर्जा माफ कर दिया इससे अच्छा और क्या हो सकता है ये किसानों की आमदनी दोगुनी करने में बड़ा कदम साबित होगा इस मुद्दे पर जियादा नहीं बोलेंगे। हाँ ये बात अलग है कि कुछ किसानों के कागज़ रास्ते में ही अटक गये हैं लेकिन बड़े-बड़े प्रदेशों में छोटी-छोटी बातें तो होती ही रहती हैं।
अब देखिए न लोग बता रहे हैं जीएसटी भी लागू हो गया। इससे किसानों को थोड़ी बहुत परेशानी होगी खाद व कीटनाशक की दुकानों पर पइसा थोड़ा अधिक पे करना पड़ेगा लेकिन कारोबारियों को बहुत लाभ होगा। अच्छी बात है मोदी चच्चा, कारोबारी ही तो देश की रीढ़ हैं। कारोबारी आगे बढ़ेंगे, देश आगे बढ़ेगा किसान तो सरवा बकर-बकर किये रहते हैं गँवार कहीं के, ब्लडीफूल, इडीयट्स। हम तो कहते हैं कि एक ऐसा कानून लाइए कि कोई आदमी खेती ना करने पाये ना ये गँवार रहेंगे ना किच-किच करेंगे। फिर देश के उद्योगपति पलासटिक के रोटी बनायेंगे और पलासटिक का चावल तो आ ही गया है। ये सब खायेंगे तो हम परता में रहेंगे।
योगीजी और मोदीजी दूनों जनों ने वादा किया था कि हर युवा के हाथ में रोजगार होगा इसलिए अब तो भकेंसी की बाढ़ आ गयी है हमको तो समझ में ही नहीं आ रहा कि पुलिस बनें कि फउज में जायें, बैंक में कलरक बने कि पोस्ट ऑफिस में, स्कूल में मास्टर बन जायें कि पीसीयस निकाल कर अधिकारी बन जायें। जो भी हो चारों तरफ दरवाजे खुले हैं अभी तो आराम करने का मन कर रहा है ससुरा हाय-हाय तो जीवन भर करना है जिस दिन मन उठेगा किसी विभाग में जा के ज्वॉइन कर लेंगे अभी हमारी उमर ही का है।
कोई कुछ कहे लेकिन हमको उम्मीद है कि अब स्वर्ग के देवगण भी भारत भ्रमण करने जरूर आयेंगे। हम तो ई चाहते हैं कि ई माटी के हमरे शरीर में जब तक साँस है मोदी और योगी मिल कर शासन चलाते रहे और देश को आगे बढ़ाते रहें। वरना उलायम मुलायम अखिलेश मायावती राहुल वाहुल ममता समता आदि नेता तो देशवे बेच देंगे, ना परभु इनके हाथ में कभी सत्ता ना देना।
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कुछ साल पहले की बात है एक गाँव है सेमरा, जो गंगा कटान से समाप्ति के कगार पर खड़ा था लेकिन देश में तो रामराज है। रामजी जनता को दु:खी कैसे देख सकते हैं फटाक से अपने प्रतिनिधि मनोज सिन्हा को भेजा। इधर योगी महाराज ने भी अपने प्रतिनिधि अलका राय को भेजा, "जाईये इस गाँव को कैसे भी गंगा कटान से बचाईये।"
बस भईया क्या बतायें दू महीना में दोनों प्रतिनिधियों ने मिलकर अइसा बँधा बनवा दिया कि पूरे इंडिया में अइसा बाँध देखन को नहीं मिलेगा। अब तो इस बाँध को देखने के लिए अमेरिका से टूरिस्ट लोग आते हैं। गाँव के गरीब तो पर्यटकों को फुचकी खिला खिला कर धनिक हो गये हैं। हे मनोज सिन्हा जी और अलका राय जी इस मामूली गाँव को आपने इतना महत्व दिया इसके लिए हम आपको साष्टांग परनाम करते हैं। सिन्हाजी तो अपने ही हैं गाँव का हाल चाल लेने के लिए रोज़ ही चले आते हैं। अब तो गाँव का बच्चा बच्चा यहाँ तक कि पौधा-पौधा, जानवर-जानवर तक उन्हें पहचान गये हैं।
योगीजी ने कहा था कि देखो प्रदेश की जनता अंधेरे में नहीं रहनी चाहिए हर घर में बिजली चाहिए और चउबीसो घंटा लाइन की व्यवस्था करिए। देखो भईया हम तो गाँव-दिहात के गरीब और गँवार अदमी ठहरे चउबीस घंटा बिजली का पियरका बलब दुआर पर जलता रहता है। कहाँ अंधेरे में रहते थे अचानक भक्क से योगीजी अजोर कर दिये। साफ बात है हमको ये पसंद नहीं आता योगीजी, हमरे जइसे गँवार अदमी को दस घंटा दे दीजिए बहुत है हम इसके लिए आपको लेटर लिख देंगे।
योगी महाराज ने गरीब किसानों का कर्जा माफ कर दिया इससे अच्छा और क्या हो सकता है ये किसानों की आमदनी दोगुनी करने में बड़ा कदम साबित होगा इस मुद्दे पर जियादा नहीं बोलेंगे। हाँ ये बात अलग है कि कुछ किसानों के कागज़ रास्ते में ही अटक गये हैं लेकिन बड़े-बड़े प्रदेशों में छोटी-छोटी बातें तो होती ही रहती हैं।
अब देखिए न लोग बता रहे हैं जीएसटी भी लागू हो गया। इससे किसानों को थोड़ी बहुत परेशानी होगी खाद व कीटनाशक की दुकानों पर पइसा थोड़ा अधिक पे करना पड़ेगा लेकिन कारोबारियों को बहुत लाभ होगा। अच्छी बात है मोदी चच्चा, कारोबारी ही तो देश की रीढ़ हैं। कारोबारी आगे बढ़ेंगे, देश आगे बढ़ेगा किसान तो सरवा बकर-बकर किये रहते हैं गँवार कहीं के, ब्लडीफूल, इडीयट्स। हम तो कहते हैं कि एक ऐसा कानून लाइए कि कोई आदमी खेती ना करने पाये ना ये गँवार रहेंगे ना किच-किच करेंगे। फिर देश के उद्योगपति पलासटिक के रोटी बनायेंगे और पलासटिक का चावल तो आ ही गया है। ये सब खायेंगे तो हम परता में रहेंगे।
योगीजी और मोदीजी दूनों जनों ने वादा किया था कि हर युवा के हाथ में रोजगार होगा इसलिए अब तो भकेंसी की बाढ़ आ गयी है हमको तो समझ में ही नहीं आ रहा कि पुलिस बनें कि फउज में जायें, बैंक में कलरक बने कि पोस्ट ऑफिस में, स्कूल में मास्टर बन जायें कि पीसीयस निकाल कर अधिकारी बन जायें। जो भी हो चारों तरफ दरवाजे खुले हैं अभी तो आराम करने का मन कर रहा है ससुरा हाय-हाय तो जीवन भर करना है जिस दिन मन उठेगा किसी विभाग में जा के ज्वॉइन कर लेंगे अभी हमारी उमर ही का है।
कोई कुछ कहे लेकिन हमको उम्मीद है कि अब स्वर्ग के देवगण भी भारत भ्रमण करने जरूर आयेंगे। हम तो ई चाहते हैं कि ई माटी के हमरे शरीर में जब तक साँस है मोदी और योगी मिल कर शासन चलाते रहे और देश को आगे बढ़ाते रहें। वरना उलायम मुलायम अखिलेश मायावती राहुल वाहुल ममता समता आदि नेता तो देशवे बेच देंगे, ना परभु इनके हाथ में कभी सत्ता ना देना।
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